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अगस्त 2019 से कुछ महीने पहले बेल्जियम के इंजीनियर बर्ट सेलिस ने युवा साइकिलिस्ट ब्योर्ग लैम्ब्रेख्त को अपनी विंड टनल में परखा था । उनकी लैब के लिए यह रोज़ का काम था: ऐसी बैठने की मुद्रा और ऐसे कपड़े खोजना, जिनसे सवार को कुछ वाट की बचत हो। फिर 5 अगस्त को टूर ऑफ़ पोलैंड के तीसरे चरण में 22 साल के लैम्ब्रेख्त सड़क से फिसले और कंक्रीट की एक पुलिया से टकरा गए। उन्हें बचाया नहीं जा सका।

“मैं सोचता रहा कि हेलमेट के अलावा साइकिलिस्टों के पास सुरक्षा के नाम पर इतना कम क्यों है,” याद करते हैं सेलिस । अक्टूबर 2026 में उनका जवाब TIME की साल के सर्वश्रेष्ठ आविष्कारों की सूची में पहुँच गया। यह करीब आधा किलो वज़न का एयरबैग है, जो साइकिलिंग बिब शॉर्ट्स की पट्टियों में छिपा रहता है और 100 मिलीसेकंड में खुल जाता है। कहानी की सबसे अजीब बात कुछ और है। जिस आदमी ने पूरा करियर सवारों के ग्राम और वाट घटाने में लगाया, वह अब उन पर अतिरिक्त वज़न लादना चाहता है। और उसका दावा है कि स्टॉपवॉच को इसका पता नहीं चलेगा। कब फटना है, यह तय करने के लिए एयरबैग को बेल्जियम की एक समाचार एजेंसी के पास रखे दूसरों के हादसों के संग्रह से सिखाया गया।

वाट का मुनीम

सेलिस पढ़ाई से इंजीनियर हैं और पेशे से एयरोडायनामिक्स विशेषज्ञ। उन्होंने फ़्लैंडर्स बाइक वैली की सह-स्थापना की, जो विंड टनल के इर्द-गिर्द बनी फ़्लेमिश साइकिलिंग लैब है, और कई पेशेवर टीमों के साथ काम किया।

यह काम बही-खाते जैसा है। सवार हवा की धारा में साइकिल पर बैठता है, सेंसर हवा का प्रतिरोध नापते हैं, और इंजीनियर कोहनी को एक सेंटीमीटर खिसकाते हैं या कंधों का कपड़ा बदल देते हैं। पाँच वाट की बचत भी बड़ी कमाई मानी जाती है। ऐसे ज़रा-ज़रा से फ़ायदों के लिए टीमें ख़ास मोज़े मँगाती हैं, हेलमेट का आकार बदलती हैं और पहियों पर भारी रकम ख़र्च करती हैं।

लैम्ब्रेख्त की मौत के बाद सेलिस सैम रताईचाक के पास गए, जो बेल्जियम की रेसिंग-कपड़ा कंपनी बायोरेसर में शोध और विकास के प्रमुख थे और उसकी विंड टनल बना चुके थे। बायोरेसर रेसिंग कपड़े बनाती है, पेशेवर टीमों के लिए भी। 2020–2021 में रताईचाक और औद्योगिक डिज़ाइन के इंटर्न स्टाइन वानवोल्सेम ने एक अवधारणा तैयार की : साधारण रेस बिब की पट्टियों में छिपा एयरबैग, जो हादसे में गर्दन, छाती, पीठ और कूल्हों को ढक ले।

अवधारणा काम कर गई। ग्राहक नहीं आए। 2024 तक भी, जब रताईचाक अपना डिज़ाइन स्टूडियो चला रहे थे, वे इस विचार को सवारों की सुरक्षा में संभावित मोड़ बता रहे थे और मान रहे थे कि टीमों ने सीमित दिलचस्पी दिखाई है।

मौत के दम पर आया हेलमेट

पेलोटन की ठंडी प्रतिक्रिया समझना मुश्किल नहीं। दशकों तक पेशेवर साइकिलिंग हर उस सुरक्षा से लड़ती रही, जिसकी कीमत आराम या रफ़्तार से चुकानी पड़ती थी।

1991 में यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनेल (UCI) ने हेलमेट अनिवार्य करने की कोशिश की। सवारों ने हड़ताल कर दी और नियम ठंडे बस्ते में चला गया। वह 2003 में ही लौटा, जब कज़ाख़ सवार आंद्रेई किविलेव पेरिस–नीस में बिना हेलमेट गिरे और अगले दिन चल बसे। तब UCI ने हेलमेट अनिवार्य घोषित किया , फिर भी यह समझौता ही था: नियम के पहले रूप में सवार पाँच किलोमीटर से लंबी आख़िरी चढ़ाइयों पर हेलमेट उतार सकते थे। यह छूट बाद में हटाई गई।

सुरक्षा वाले कपड़ों का हाल भी यही रहा। बायोरेसर ने कहा कि वह ऐसी रेस-पोशाक बना सकती है, जो हादसों की सबसे आम चोटों को हल्का कर दे। सवारों ने, जैसा road.cc ने बताया , अपने आदी आराम और रफ़्तार को ही तरजीह दी।

सबक ऐसा है जो कोई भी सेल्समैन समझ ले: पेलोटन में सुरक्षा तभी बिकती है, जब स्टॉपवॉच पर उसकी कोई कीमत न हो। सेलिस ने अपना एयरबैग ठीक इसी तरह बेचने की कोशिश की।

आधा किलो, जिसने कभी रफ़्तार का वादा किया था

मार्च 2024 में, जब सिस्टम अभी प्रोटोटाइप ही था, सेलिस ने बेल्जियम के प्रसारक स्पोर्ज़ा को बताया कि एयरबैग 500 से 600 ग्राम जोड़ता है, यानी लगभग एक भरी बोतल के बराबर। पेशेवर आराम और वज़न की चिंता में अब तक इसे ठुकराते आए थे, इसलिए सेलिस ने एयरोडायनामिक्स वाला पत्ता चला। उनके मुताबिक़ यह सिस्टम पहनने वाला सवार ज़्यादा “बूँद के आकार” का हो जाता है, और 50 किमी/घंटा की रफ़्तार से समतल रास्ते पर फ़र्क़ 5 से 15 वाट तक बैठता था। “तब वज़न का बढ़ना बेमानी हो जाता है,” उन्होंने कहा।

पेलोटन के कानों को यह लुभावना लगा: रफ़्तार के साथ मुफ़्त में सुरक्षा। आज कंपनी ज़्यादा सँभलकर बोलती है। TIME की सूची के आसपास की सामग्री में डेवलपर कुछ और वादा करते हैं: एयरबैग का एयरोडायनामिक्स पर कोई असर नहीं पड़ता और जर्सी के नीचे वह लगभग दिखता नहीं। वाट की बचत का अब ज़िक्र नहीं होता, और दोनों में से किसी दावे को स्वतंत्र रूप से नापा नहीं गया है। एक और शर्त है: पहाड़ी दर्रे पर आधा किलो आधा किलो ही रहता है, हवा उसके इर्द-गिर्द चाहे जितनी सहजता से बहे।

उपकरण देखने में साधारण है। पीठ पर एक छोटी थैली में इलेक्ट्रॉनिक्स और CO₂ का कनस्तर रहता है, और बिब की पट्टियों में थर्मोप्लास्टिक पॉलीयूरेथेन की पतली नलियाँ गुज़रती हैं।

// Aerobag कैसे काम करता है

9मोशन सेंसर पीठ का कोण, त्वरण और शरीर का घूमना नापते हैं
200×प्रति सेकंड सिस्टम जाँचता है कि हरकत हादसे जैसी दिखती है या नहीं
100 msही एयरबैग को गर्दन और धड़ के चारों ओर फूलने में लगते हैं
9 cmहै पीठ, पसलियों और कूल्हों पर फूले हुए गद्दे की मोटाई

सिस्टम सिर और कंधों को नहीं ढकता, और यह जान-बूझकर किया गया है। रताईचाक ने समझाया है कि हादसे के बाद सवार को वापस साइकिल पर चढ़कर रेस पूरी करने लायक़ रहना चाहिए। इसलिए फटने के करीब दस सेकंड बाद एयरबैग अपने आप पिचकने लगता है और वापस पट्टियों में समा जाता है। दोबारा इस्तेमाल के लिए कनस्तर और उसका इग्निटर बदलना पड़ता है, करीब 35 यूरो में । कार का एयरबैग इसके उलट पूरी इकाई समेत बदला जाता है।

एल्गोरिदम ने दूसरों के हादसों से सीखा, वीडियो फ़्रेमों में जोड़-दर-जोड़
एल्गोरिदम ने दूसरों के हादसों से सीखा, वीडियो फ़्रेमों में जोड़-दर-जोड़

दूसरों के हादसे क्या सिखाते हैं

एयरबैग का सबसे मुश्किल हिस्सा कपड़ा या गैस नहीं है। मुश्किल यह तय करना है कि कब फटना है।

सवार फ़िनिश लाइन पर साइकिल आगे झोंकता है, स्प्रिंटर मशीन को दाएँ-बाएँ झुलाता है, शहर का सवार फ़ुटपाथ की कगार पर कूदता है। इनमें से कोई हादसा नहीं है, पर सेंसर के लिए सब झटके हैं। स्प्रिंट के बीच ग़लत ट्रिगर अपने आप में ख़तरनाक है, और जो एयरबैग ज़रूरत पर न खुले, वह होने से भी बुरा है, क्योंकि वह झूठा भरोसा पैदा करता है। स्पोर्ज़ा सीमा-तर्क को यूँ बताता है : जो सवार सिर्फ़ डामर पर घिसटता है, उससे एयरबैग नहीं फटेगा, लेकिन अगर वह उछलकर क्रैश बैरियर के पार जा गिरे, तो फट जाएगा।

Aerobag का एल्गोरिदम दूसरों के हादसों पर बना है। बेल्जियम की समाचार एजेंसी बेल्गा के पास रेस हादसों की फ़ुटेज का बड़ा संग्रह है, और डेवलपरों ने वही फ़ुटेज एक AI मॉडल से गुज़ारी। मॉडल ने कंधों, कूल्हों और कोहनियों जैसे दिखने वाले जोड़ों से शरीर की गति दोबारा बनाई, और इन्हीं पथों से ट्रिगर की सीमा कसी गई। सीधे शब्दों में, सिस्टम ने उन हादसों से सीखा, जो प्रयोग के लिए कोई कभी नहीं कराएगा।

स्वीडन की कंपनी हॉवडिंग जानती है कि इसमें चूक की क्या कीमत है। शहरी साइकिलिस्टों के लिए उसका एयरबैग-कॉलर सिर के चारों ओर फूलता था और हेलमेट के विकल्प के तौर पर बिकता था। नवंबर 2023 में स्वीडिश उपभोक्ता एजेंसी ने Hövding 3 की बिक्री रोक दी, क्योंकि एक ख़राबी के चलते हादसे में कॉलर खुल ही न पाए, यह संभव था। 21 दिसंबर 2023 को कंपनी ने दिवालियापन की अर्ज़ी दी । तब तक अदालत ने प्रतिबंध पर रोक लगा दी थी, पर बोर्ड ने तय किया कि एक महीने की बिक्री-बंदी के बाद कंपनी को बचाया नहीं जा सकता। एयरबैग को उस एक बार से परखा जाता है, जब वह नहीं खुलता।

Aerobag उसी बाज़ार की ओर बढ़ रहा है। शहरी सवारों के लिए उसने Aerobelt बनाया, एक पट्टा जिसमें वही मॉड्यूल लगता है और जिसे रोज़मर्रा के कपड़ों के ऊपर पहना जा सकता है। माइक्रोमोबिलिटी में निवेश करने वाले फ़ंड फ़ंडरेसर ने कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी ली । सिस्टम अभी बिक्री पर नहीं है। Aerobag के सह-संस्थापक क्विंटन वान लोगेनबर्ग इसकी कीमत 700–850 यूरो बताते हैं , यानी अच्छे हेलमेट से ज़्यादा और रेस के कई पहियों के सेट से कम।

फ़िलहाल हॉवडिंग वाला सबक सैद्धांतिक है। सिस्टम का 3D-प्रिंटेड सवार-पुतलों के साथ क्रैश टेस्ट हुआ है , और अगले चरणों में नरम सतहों पर इंसानों के गिरने और क्रैश-टेस्ट डमी के परीक्षण गिनाए गए हैं। असली हादसों में यह चोटें कितनी घटाता है, इसके प्रकाशित आँकड़े अभी नहीं हैं।

फिर से गिरना सीखना

// घटनाक्रम

  1. टूर ऑफ़ पोलैंड के तीसरे चरण में ब्योर्ग लैम्ब्रेख्त की मौत
  2. बायोरेसर में रताईचाक और इंटर्न वानवोल्सेम बिब की पट्टियों में एयरबैग का ख़ाका बनाते हैं
  3. काम करने वाला प्रोटोटाइप तैयार, पर टीमों की दिलचस्पी कम
  4. चार सह-संस्थापक टर्नहाउट में Aerobag शुरू करते हैं, और EU इस काम में करीब 2,49,000 यूरो लगाता है
  5. UCI साइकिलिंग में एयरबैग के नियम बनाने का फ़ैसला करती है
  6. Aerobag साल के सर्वश्रेष्ठ आविष्कारों की TIME सूची में

बातों में दिलचस्पी 2024 में ही दिख गई थी। सेलिस ने स्पोर्ज़ा को बताया कि ब्रिटिश टीम इनियोस ग्रेनेडियर्स एयरबैग को आज़माना चाहती थी, ख़ासकर एगन बर्नाल के भयानक हादसे के बाद, जब जनवरी 2022 में टूर डी फ़्रांस के इस विजेता ने प्रैक्टिस राइड के दौरान खड़ी बस में टक्कर मार दी थी।

अमल में सिस्टम लेने वाली पहली टीम डच पिकनिक पोस्टएनएल रही। प्रोजेक्ट के पीछे पूर्व पेशेवर पीट रोयाकर्स हैं। टीम सड़क पर घिसटने की खरोंचों से अपघर्षण-रोधी कपड़ों के ज़रिए पहले ही निपट चुकी थी, और उन्होंने अगला निशाना टूटी पसलियों, कूल्हों और हँसली को बताया। विचार मोटरसाइकिल सवारों के एयरबैग के एक इंस्टाग्राम वीडियो से आया, जो रोयाकर्स को सेलिस तक ले गया। वे अपनी उम्मीदें संयत रखते हैं । एयरबैग हँसली तभी बचाएगा, जब सवार उस पर सचमुच भरोसा करे और हाथ भीतर रखे, जबकि ज़्यादातर सवार गिरते समय हाथ बाहर फेंक देते हैं। लगता है, सवारों को फिर से गिरना सीखना पड़ेगा। 2026 में पिकनिक पोस्टएनएल और विस्मा–लीज़ ए बाइक को प्रशिक्षण के लिए सिस्टम मिले, और इतालवी परिधान निर्माता नालिनी ने पहले Aerobag-प्रमाणित बिब शॉर्ट्स की योजना के साथ प्रोजेक्ट में निवेश किया ।

इस दौड़ में सेलिस अकेले नहीं हैं। 2026 के वसंत में डेकाथलॉन के साइकिलिंग ब्रांड वैन राइसेल ने बिल्ट-इन एयरबैग वाला रेस स्किनसूट पेश किया: एयरबैग समेत स्किनसूट का वज़न करीब 700 ग्राम है, और निर्माता के अनुसार एयरबैग 60 मिलीसेकंड में खुलता है, यानी Aerobag से लगभग दोगुनी तेज़ी से। “साइकिलिंग में आपको प्रदर्शन और सुरक्षा में से एक चुनना पड़ता था,” वैन राइसेल ने कहा ।

रेसों में एयरबैग अभी आपको नहीं दिखेगा। 2026 की शुरुआत में UCI ने ऐसे सिस्टमों के मानक लिखने के लिए निर्माताओं और प्रयोगशालाओं को जुटाना शुरू किया , और जब तक वे मानक नहीं बनते, कोई भी इसे पहनकर रेस शुरू नहीं कर सकता। सेलिस को उम्मीद है कि 2027 में इसे रेस में देखा जाएगा।

हेलमेट पेशेवर साइकिलिंग में एक हड़ताल और बारह साल बाद आई एक मौत के रास्ते पहुँचा। सेलिस के एयरबैग को किसी और त्रासदी की ज़रूरत नहीं है। उसे ऐसा सवार चाहिए, जो गिरते समय अपने हाथों से ज़्यादा उस पर भरोसा करे।